Saturday, June 4, 2016

हम अपने पर्यावरण को हरा भरा बनाने के लिए क्या करें ?

हम अपने  पर्यावरण  को हरा भरा बनाने के लिए  क्या करें ?

विश्व पर्यावरण दिवस 2016 

ज जब हमारे देश में पर्यावरण अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है , नदियां सूख रहीं है ,पीने का पानी नहीं मिल रहा है ,खेत और किसान मर रहे हैं ,प्रदूषित खान पान और हवा के कारण कैंसर जैसी बीमारिया आम हो गयी हैं। उद्योगधंदे खत्म होते जा रहे हैं ,बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या बन गयी है पढ़े लिखे नवजवान चपरासी की नौकरी के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में हमारा  हमारे पर्यावरण के लिए क्या योगदान होना चाहिए ? यह सोच हम सब के मन में जरूर आता है किन्तु हमे मार्ग नहीं मिलता है इस कारण हम कुछ भी कर नहीं पा रहे हैं।  
क्ले से बनी सीड बाल 

जैसा की हम जानते हैं हमारे पर्यावरण से तात्पर्य हरियाली है इस लिए यह कहा  जाता है की" हरियाली है जहाँ खुशहाली है वहां " इसलिए हमे हमारे  आस पास हरियाली बढ़ाने पर जोर देने की जरूरत है।  उसके लिए जरूरी है कि हम  बीजों का संग्रह करें  हर पौधा पर्यावरण को समृद्ध करता है।  इसलिए बिना सोचे समझे हम बीजों का संग्रह करें और उन बीजों को क्ले (कीचड ) मिटटी से कोटिंग कर सुखाकर यहां वहां बरसात के मौसम में  फेंकते जाएँ। एक व्यक्ति भी ऐसा करता है तो असंख्य पेड़ लग जाते हैं फिर पूरा परिवार और मोहल्ला यह काम करता है तो देखते देखते हम अपने गाँव और  शहर को हरा भरा बना सकते हैं। 
क्ले मिटटी जिस से मिटटी के बर्तन बनते है से सीड बाल बनने 
की आसान विधि का वीडियो। (Masnobu Fukuoka Makes seed balls .youtube)

क्ले जिसे हम कीचड कहते हैं जिस से मिटटी के बर्तन बनते है में तमाम आँखों से दिखने वाले असंख्य सूख्स्म जीवाणु ,जीव ,जंतु आदि से सम्पन्न बहुत ताकतवर जैव -विवधताओं से भरपूर  खाद है इस से अच्छी सरलता से उपलब्ध कोई भी खाद नहीं रहती है।  इसमें कुछ भी मिलाने की जरूरत नहीं है।  इसकी कोटिंग  से बीज सुरक्षित हो जाते हैं उन्हें कोई चिड़िया ,चूहे आदि नहीं खा सकते हैं। यह मिटटी जहां भी गिरती है वहां आस पास जमीन को तेजी से उर्वरक बना देती है। हरियाली पनप जाती है बरसात होने लगती है। 

मै एक उदाहरण बताना चाहता हूँ तंजानिया  में भयंकर सूखा पड़ा था खाने ,पीने के लाले पड़े थे ,हरियाली नहीं होने के कारण पशु मर गए थे ,बारिश होना भी बंद हो गई थी ऐसी हालत में दुनिया के जाने माने कुदरती खेती के किसान और पर्यावरणविद जापान के मस्नोबु फुकुोकाजी वहां के एक दूर दराज गाँव में पहुंचे जहां पहले कोई नहीं गया था वहां उन्होंने हर प्रकार के बीजों को स्थानीय स्तर पर इकठा कर बीज गोलिया बनाना सिखाया और यहां वह फेंकने का काम सिखाया। 

जब वे दूसरी बार मात्र कुछ सालों में दुबारा पहुंचे तो उन्होंने देखा की बच्चा बच्चा सीड बाल बना रहा है और गुलेल से यहां वहां  फेंक रहा है ऐसा करने से पूरा छेत्र हरियाली से भर गया ,बारिश भी होने लगी खेती जो बंद हो गयी थी बहुत अच्छी होने लगी ,पशुओं का चारा और दूध की भरमार हो गया  है। 

3 comments:

Madhup said...

Please post the method to prepare seed balls in English or Hindi

Madhup said...

Please post the method to prepare seed balls in English or Hindi

Raju Titus said...

Please see the video whih is available in this article .
Thanks