Monday, October 26, 2015

बिना जुताई की खेती के भिन्न २ तरीके

बिना जुताई की खेती के भिन्न २ तरीके 

कुदरती खेती Natural Farming 

इस खेती का आविष्कार जापान के जग प्रसिद्ध कुदरती खेती के किसान स्व मस्नोबू फुकोकजी ने किया है जिसे पूरी दुनिया में "The One Straw REvolution " किताब जिसे फुकूओकाजी ने लिखा है तथा जिसे लारीकॉर्न ने अनुवादित किया है के माध्यम से जान रहे हैं और कर रहे हैं।

ऋषि खेती (Natural Farming )

यह विधि टाइटस नैचरल फार्म होशंगाबाद में राजू एवं शालिनी टाइटस के द्वारा फुकूओकाजी की नेचरल फार्मिंग के आधार पर भारत में करने लायक बनाई है जिसे वे पिछले ३० सालो से सफलता पूर्वक कर रहे हैं। 

जीरो टिलेज एग्रीकल्चर (zero Tillage agriculture) 

इस विधि को भारत ,पाकिस्तान और बांग्ला देश में CYMMIT नाम की संस्था के द्वारा सरकार के साथ मिल कर किया जा रहा है जिसमे ट्रैक्टर के पीछे बिना जुताई की मशीन लगी होती है जिस से बिना जुताई करे बीज बो दिए जाते हैं। 

नो टिल  कन्सर्वेटिवे फार्मिंग (No Till conservative farming 

यह खेती अधिकतर अमेरिका में की जा रही है इसमें खरपतवार नाशकों के उपयोग के साथ कृषि रसायनो  का भी उपयोग होता है बीजों को बिना जुताई की बोन वाली मशीनो से बो दिया जाता है। इस खेती को पर्या  मित्र  कर मान कर सरकार का समर्थन है। 

बिना जुताई की जैविक खेती (No Till organic farming )

इस खेती को भी अमेरिका में रोडलस इंस्टिट्यूट ने विकसित किया है जिसे छोटे ट्रैक्टरों के माध्यम  से किया जाता है जिसमे एक क्रिम्पर रोलर और जीरो टिलेज सीड ड्रिल लगी रहती है।  रोलर खरपतवारों को जमीन पर सुला देता है और ड्रिल बीजों को बो देती है।  यह असिंचित खेती में बहुत उपयोगी सिद्ध हो रही है। 

अधिक जानकारी के लिए गूगल सर्च करें।

7 comments:

Majumdar said...

Dear Rajuji,

Which of these methods should be preferred in India?

Regards

Raju Titus said...

it is depend of farmers choice because every where in every crop lot of variations.

Inder preet singh said...

तो हमारे किसान क्यों रासायनिक खेती करके क़र्ज़ का बोझ लाद रहे हैं। ये बात मेरी समझसे बाहर है।

Inder preet singh said...

तो हमारे किसान क्यों रासायनिक खेती करके क़र्ज़ का बोझ लाद रहे हैं। ये बात मेरी समझसे बाहर है।

Inder preet singh said...

तो हमारे किसान क्यों रासायनिक खेती करके क़र्ज़ का बोझ लाद रहे हैं। ये बात मेरी समझसे बाहर है।

Inder preet singh said...

तो हमारे किसान क्यों रासायनिक खेती करके क़र्ज़ का बोझ लाद रहे हैं। ये बात मेरी समझसे बाहर है।

Sameer said...

Sir
Maine aapka kaafi saara blog padha and videos dekhe hain..

Main aur mere dost, hum MP ke rehne wale hain aur abhi Corporate jobs mein hain.. Hum Bhopal ke paas Natural farming, ya Agro forestry type shuru karna chahte hain...

Humara plan holistic life jeene ka, aur ek model farm develop karne ka hai jis par depend ho kar hum jee sake aur dusre kison ko ko bhi is path par chalne keliye convince kar sake...

hum isi par depend ho kar jeena chahte hain isiliye product direct customer ko bechne ka plan hai, bicholoye/traders ko by pass karte hue, aur isme hum baaki kisanon ki bhi madad karna chahenge..
Indian village sko hum phirse production ka center banana chahte hain specially farming and agro processed products jis se kheti bhi decent profitable ho sake jitni jaruri hai aur baaki holistic life ke sath insaan is kshetra mein khush reh sake..

Iske liye hum aapse milna, seekhna chahte hain..
aapka email ya number na milne ke karan yahan post kar raha hun..
Please bataein aapse kab aur kahan mulakat ho sakti hai..