Sunday, November 23, 2014

BIODIVERSITY CONSERVATION AND LIVELY HOOD.

CLIMATE SMART AGRICULTURE

खरपतवारों के साथ गेंहूँ की खेती 
मारे पर्यावरण को सबसे अधिक नुक्सान गैरकुदरती खेती से हो रहा है। सूखा और बाढ़ ,पनपते रेगिस्थान ,जहरीला होते  पानी, हवा और भोजन , आये दिन बादलों का फटना ,चक्रवात आदि। किसानो की आत्म हत्या ,बंजर होते  खेत आदि। इस समस्या से हमारी आजीविका पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। रोटी पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है। हमारे पास पैसा तो है किन्तु कुदरती रोटी और जल उपलब्ध नहीं है। 

इस समस्या का सीधा सम्बन्ध फसलोत्पादन के लिए की जा रही जमीन की जुताई से है इस से एक और जहाँ जमीन की जैवविविधताएं मर जाती हैं वहीँ खेत सूखकर बेजान हो जाते हैं। असल में यह भ्रान्ति है  की खरपतवारें फसलों का खाना ,पानी ले लेती हैं इसलिए इन्हे मारने के लिए जमीन को जोता जाता है। जबकि ऐसा नहीं होता हैं जमीन से जुडी हर जैवविविधता जमीन  को पोषकता प्रदान करती है। 







4 comments:

Majumdar said...

Dear Raju-ji,

Great sets of article, sir, as usual. Just one point of interest. What is this rishi kripa weed? Does this have an English, Hindi or scientific name. I understand it is edible. Is this true?

Regards

Raju Titus said...

Actually i don,t know the name of this but found very good ground cover. One day one of my friend came and after useful importance he gave "Rishikripa "
name.But i will try to search its good name and inform you .
Thanks
Raju

Majumdar said...

I suspect it might be a wild relative of one of the small millets- a wild foxtail or a barnyard. Or is this a legume?

Regards

Raju Titus said...

Seeds are very tinny not easily visible
this is not legume may be is the member of Amaranth.