Wednesday, January 15, 2014

रोटी में जहर

रोटी में जहर
हमारे आस पास का वातावरण बहुत गन्दा  हो रहा है.
 रोटी,पानी,हवा सब में जहर घुल रहा है. इस कारण केंसर ,नवजात बच्चों की मौत ,खून में कमी आदि अनेक रोग महामारियों की तरह पनप रहे हैं. बे रोजगारी ,ईंधन की समस्या हर घर में है.
 ऐसा गेर कुदरती विकास के कारण है.चमचमाती सड़कें , हवाई जहाज,फ्ल्याई ओवर ,बड़ी बड़ी कारें ही विकास कहलाने लगें हैं. २४ घंटे बिजली ,पानी ,पेट्रोल ,सस्ता अनाज ही केवल विकास के माप दंड रह गए हैं. जिनके कारण ये गंदगी फेल रही है.
दिल्ली देश की राजधानी है. जिसमे इस विकास और उससे फेल रही गंदगी और अव्यवस्था का नजारा आज जनता के सामने है. ये हालत देश के सभी महानगरों और नगरों की है.
आम आदमी को२४ घंटे बिजली भले न मिले उसे दो वक्त की जहर मुक्त रोटी जरुर चाहिए जो मौजूदा सरकारें देने में असमर्थ रहीं हैं. हमारी रोटी में जहर खेतों से आ रहा है. आज कल खेतों में फसलों को पैदा करने के लिए अंधाधुन्द जहर डाले जा रहे हैं. ऐसा गेर कुदरती खेती करने के कारण है. जिसके लिए मौजूदा सरकारें दोषी हैं.
ये सरकारें गंदी हो गयीं है. इस लिए गंदगी फेल रही है. हमे इन्हे बदलने की जरुरत है.
 हमे ईमानदार साफ़ सुथरी सरकार की जरुरत है. जिस से दो वक्त की रोटी मिल सके.

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